रंगों में भी इक महक होती है

रंगों में भी इक महक होती है, मन बहकाती है

अस्त होते सूर्य की गरिमा मन पर छा जाती है

कहीं कुमकुम-से, कहीं इन्द्रधनुषी रंग बिखर रहे

सागर के जल में रंगों की परछाईयाँ मन मोह जाती हैं