जीवन का सच
महाभारत का यु़द्ध
झेलने के लिए
किसी से लड़ना नहीं पड़ता
बस अपने-आपको
अपने-आपसे
भीतर-ही-भीतर
मारना पड़ता है।
शायद
यही नियति है
हर औरत की।
कृष्ण क्या संदेश दे गये
सुनी-सुनाई बातें हैं सब।
कर्म किये जा
फल की चिन्ता मत कर।
कौन पढ़ता है आज गीता
कौन करता है वाचन
कृष्ण के वचनों का।
जीवन का सच
अपने-आपसे ही
झेलना पड़ता है
अपने-आपसे ही
जीना
और अपने-आपको ही
मारना पड़ता है।